यूपी आउटसोर्सिंग वेतन वृद्धि 2026: चपरासी से सीनियर प्रोग्रामर तक नई सैलरी लिस्ट जारी, देखें पदवार वेतनमान टेबल

2 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा, अप्रैल से लागू होंगी नई दरें – यूपी आउटसोर्सिंग वेतन वृद्धि 2026

UP outsourcing salary hike 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करीब 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने इन कर्मचारियों के मानदेय में 8 से 11 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। अब चपरासी और चौकीदार को 10 हजार की जगह 18 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे, तो वहीं सीनियर प्रोग्रामर को 37,400 रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। 

विशेष जानकारी: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यूपी आउटसोर्सिंग वेतन वृद्धि 2026 के तहत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

बढ़ी हुई सैलरी अप्रैल महीने से लागू होगी, और यह यूपी आउटसोर्सिंग वेतन वृद्धि 2026 के अंतर्गत आएगी। सरकार ने इसके लिए विभाग के बजट में 426 करोड़ रुपये का इजाफा करते हुए कुल 2223.84 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

किस पद पर कितना मिलेगा वेतन? (पूरी लिस्ट)

सरकार ने विभिन्न पदों पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में संशोधन किया है। नई वेतन दरें इस प्रकार हैं:

पदपहले (₹)अब (₹)
चौकीदार, चपरासी, अनुसेवक10,00018,000
अनुवादक, कंप्यूटर सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर14,00023,000
स्टैटिकल ऑफिसर और प्रोग्रामर20,00029,900
सीनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर21,00031,900
सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, सीनियर प्रोग्रामर28,00037,400

सिर्फ वेतन ही नहीं, अब मिलेंगे ये खास लाभ

योगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को सिर्फ वेतन बढ़ोतरी ही नहीं दी है, बल्कि अब उन्हें सामाजिक सुरक्षा का कवच भी दिया गया है। अब कर्मचारियों को वेतन के अलावा 13 फीसदी ईपीएफ (EPF) और 3.25 फीसदी ईएसआई (ESI) का लाभ भी मिलेगा। 

इसके अलावा, आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती होने वाले डॉक्टरों को 40 हजार रुपये तक की सैलरी दी जाएगी, जबकि शिक्षण सेवाओं (टीचर) के लिए 25 हजार रुपये तक का वेतन तय किया गया है। 

Uttar Pradesh outsourcing corporation salary list 2026
Uttar Pradesh outsourcing corporation salary list 2026

अब पारदर्शी तरीके से होंगी भर्तियां, बना दिया गया निगम

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया है। अब प्रदेश में आउटसोर्स के सभी रिक्त पदों की भर्तियां इसी निगम के जरिए पारदर्शी तरीके से होंगी। 

पहले कर्मचारियों की नियुक्तियां अलग-अलग ठेका एजेंसियां कर रही थीं, जिससे उनका जमकर शोषण होता था। उन्हें न तो समय पर वेतन मिल पाता था और न ही तय मानदेय दिया जाता था। अब निगम के आने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। 

आउटसोर्सिंग भर्तियों में भी लागू हुआ आरक्षण

आउटसोर्स भर्तियों को लेकर अक्सर विपक्ष सरकार पर हमलावर रहता था। आरोप लगता था कि इन भर्तियों में आरक्षण के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा। सरकार ने इसकी काट के लिए अब आउटसोर्स पदों पर होने वाली भर्तियों में भी आरक्षण लागू कर दिया है। 

अब यूपी आउटसोर्स निगम के जरिए होने वाली भर्तियों में:

  • अनुसूचित जाति (SC) को 21%
  • अनुसूचित जनजाति (ST) को 2%
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27%
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10%

आरक्षण दिया जाएगा। 

8 साल में तीन गुना बढ़ा आउटसोर्सिंग का बजट

सरकार के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले 8 सालों में आउटसोर्सिंग का बजट लगातार बढ़ा है। 2019-20 में जहां यह बजट 684.19 करोड़ रुपये था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 2223.84 करोड़ रुपये हो गया है। यह करीब साढ़े तीन गुना की बढ़ोतरी है। 

वित्तीय वर्षबजट (करोड़ रुपये में)
2019-20684.19
2020-21659.59 (कोरोना काल)
2021-22784.56
2022-23890.35
2023-241177.13
2024-251434.41
2025-261796.93
2026-272223.84

सरकार का बड़ा फैसला: अब नहीं होगा कर्मचारियों का शोषण

योगी सरकार के इन फैसलों से आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। निगम के गठन से भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी, वेतन सीधे बैंक खाते में आएगा, और आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। साथ ही, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं मिलने से कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित हो गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान किया था। अब अप्रैल से ये नई दरें लागू होते ही प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा।

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